एसईसीएल-कुसमुंडा में ₹282 करोड़ के कथित घोटाले की शिकायत, पीएमओ-सीबीआई तक पहुंचा मामला
Adani Power, Vedanta Limited और आरकेएम समूह जैसी कंपनियों को फर्जी रिफंड एवं क्रेडिट नोट के जरिए लगभग ₹282 करोड़ का लाभ

Coal India Limited की अनुषंगी कंपनी South Eastern Coalfields Limited की कुसमुंडा खदान एक बार फिर विवादों में घिर गई है। आरटीआई कार्यकर्ता एवं खोजी पत्रकार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों में करीब ₹282 करोड़ के राजस्व नुकसान का दावा किया गया है। मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), सीबीआई समेत कई केंद्रीय एजेंसियों को भेजी गई है।
शिकायत के अनुसार, कोरबा-पश्चिम क्षेत्र स्थित कुसमुंडा परियोजना में कोयले की ग्रेडिंग में कथित हेराफेरी की गई। आरोप है कि उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को दस्तावेजों में ‘G15-G17’ जैसी निम्न श्रेणी में दर्शाकर निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से Adani Power, Vedanta Limited और आरकेएम समूह जैसी कंपनियों को फर्जी रिफंड एवं क्रेडिट नोट के जरिए लगभग ₹282 करोड़ का लाभ दिया गया।

आरोप यह भी है कि बिलासपुर मुख्यालय के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों ने बिना स्वतंत्र ऑडिट के इतनी बड़ी राशि के क्रेडिट नोट जारी कर दिए, जिससे गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पूरी प्रक्रिया में तत्कालीन शीर्ष प्रबंधन और निजी कॉर्पोरेट समूहों के बीच कथित सांठगांठ रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतिलिपि Prime Minister’s Office, Central Bureau of Investigation, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) तथा केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने डिजिटल फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग करते हुए CIMFR/QCI लैब रिपोर्ट और सैंपलिंग प्रक्रिया की जांच की भी मांग उठाई है।

साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों की व्यक्तिगत संपत्ति जब्त कर सरकारी नुकसान की भरपाई कराने की मांग भी की गई है। हालांकि अब तक संबंधित एजेंसियों या एसईसीएल प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।










